फ़्रेंचाइज़ी बिज़नेस
विक्रम का ₹18 लाख का फ़ैसला
विक्रम को हमेशा से फ़ूड बिज़नेस करना था। कैपिटल था — ₹18 लाख पाँच साल Gurugram में हॉस्पिटैलिटी में काम करके बचाए थे। ऊर्जा थी। देहरादून में Clock Tower के पास जगह भी देख रखी थी।
लेकिन ख़ुद किचन चलाने का अनुभव नहीं था। ब्रांड नेम नहीं था। मेन्यू बनाना, आपूर्तिकर्ता से नेगोशिएट करना, डिलीवरी साझेदारी्स सेट अप करना — ये सब स्क्रैच से कैसे करे, पता नहीं था।
फिर फ़्रेंचाइज़ी अवसर दिखी। एक फ़ेमस बिरयानी ब्रांड — India भर में 120+ आउटलेट्स — उत्तराखंड में फ़्रेंचाइज़ी साझेदार ढूँढ रहा था। पिच कम्पेलिंग थी:
"ब्रांड हम देते हैं। मेन्यू हम देते हैं। प्रशिक्षण, आपूर्ति चेन, मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी — सब हम। तुम कैपिटल निवेश करो और आउटलेट चलाओ। दोनों पैसा बनाएँगे।"
विक्रम ने ₹18 लाख निवेश किए। ब्रांड ने 10 दिन प्रशिक्षण दी, स्टैंडर्डाइज़्ड रेसिपीज़, Swiggy/Zomato ऑनबोर्डिंग किट, मार्केटिंग मटीरियल्स, POS सिस्टम, और एक डेडिकेटेड इलाक़ा प्रबंधक जो मंथली विज़िट करता है।
लेकिन कैच है। असलीी, कई कैचेज़ हैं। मंथली रॉयल्टी: राजस्व का 8%। मार्केटिंग कॉन्ट्रिब्यूशन: राजस्व का 4%। मतलब 12% ऊपर से कटता है, हर महीने, विक्रम को मुनाफ़ा दिखने से पहले।
फ़्रेंचाइज़ी वर्थ इट है? यही इस चैप्टर का टॉपिक है।
फ़्रेंचाइज़ी क्या है?
फ़्रेंचाइज़ी एक बिज़नेस मॉडल है जहाँ एक कंपनी (फ़्रेंचाइज़र) किसी दूसरे व्यक्ति या कंपनी (फ़्रेंचाइज़ी) को अपना बिज़नेस चलाने की पर्मिशन देती है — अपने:
- ब्रांड नेम और लोगो का इस्तेमाल
- बिज़नेस सिस्टम्स और प्रक्रियाेज़
- उत्पाद या मेन्यू
- प्रशिक्षण प्रोग्राम्स
- मार्केटिंग और एडवर्टाइज़िंग
- आपूर्ति चेन (कभी-कभी)
बदले में फ़्रेंचाइज़ी पे करता है:
- अपफ़्रंट फ़्रेंचाइज़ी फ़ी (वन-टाइम, ब्रांड इस्तेमाल करने का राइट)
- मंथली रॉयल्टी (राजस्व का पर्सेंटेज, ऑनगोइंग सपोर्ट के लिए)
- मार्केटिंग कॉन्ट्रिब्यूशन (राजस्व का पर्सेंटेज, ब्रांड-लेवल एडवर्टाइज़िंग के लिए)
- सेटअप लागतें (बिल्ड-आउट, इक्विपमेंट, इन्वेंटरी — कभी-कभी मैंडेटेड आपूर्तिकर्ता से)
इसे ऐसे समझो: तुम एक प्रूवन सिस्टम ख़रीद रहे हो, स्क्रैच से बनाने की बजाय।
देहरादून में Domino's हो, हरिद्वार में Chai Sutta Bar हो, या हल्द्वानी में Lenskart — ज़्यादातर ये आउटलेट्स पैरेंट कंपनी के नहीं होते। लोकल फ़्रेंचाइज़ी साझेदार के होते हैं जिन्होंने उस ब्रांड के तहत ऑपरेट करने का राइट ख़रीदा है।
फ़्रेंचाइज़िंग का फ़ंडामेंटल ट्रेड-ऑफ़: तुम फ़्रीडम और राजस्व का हिस्सा देते हो। बदले में टेस्टेड मॉडल, कम जोखिम, और ब्रांड नेम मिलती है जिस पर ग्राहकों पहले से ट्रस्ट करते हैं। ये ट्रेड-ऑफ़ वर्थ है या नहीं — ये पूरी तरह ख़ास्स पर निर्भर करता है।
फ़्रेंचाइज़ी मॉडल्स के टाइप्स
तीन मेन मॉडल्स हैं। उद्योग जार्गन लगते हैं, लेकिन कॉन्सेप्ट्स आसान हैं:
FOFO — फ़्रेंचाइज़ी ओन्ड, फ़्रेंचाइज़ी ऑपरेटेड
सबसे आम मॉडल। तुम (फ़्रेंचाइज़ी) आउटलेट ओन करते हो और ऑपरेट भी। कैपिटल तुम निवेश करते हो, स्टाफ़ तुम हायर करते हो, डेली संचालन तुम सँभालते हो। फ़्रेंचाइज़र ब्रांड, सिस्टम्स, और सपोर्ट देता है।
उदाहरण: विक्रम का बिरयानी फ़्रेंचाइज़ी। वो आउटलेट ओन करता है, चलाता है, मुनाफ़ा-घाटा उसका। ब्रांड रेसिपीज़, मार्केटिंग, और सुपरविज़न देता है।
तुम्हारा रोल: ओनर + ऑपरेटर निवेश: हाई (फ़ुल सेटअप लागत + फ़्रेंचाइज़ी फ़ी) कंट्रोल: मीडियम (ब्रांड गाइडलाइन्स पालन करने होते हैं, लेकिन डे-टू-डे तुम सँभालते हो) जोखिम: हाई (सारा संचालनल और फ़ाइनेंशियल जोखिम तुम्हारा)
FOCO — फ़्रेंचाइज़ी ओन्ड, कंपनी ऑपरेटेड
कैपिटल तुम निवेश करते हो, आउटलेट तुम ओन करते हो, लेकिन फ़्रेंचाइज़र चलाता है। स्टाफ़ वो हायर करता है, संचालन वो मैनेज करता है। तुम ज़रूरीी निवेशक हो।
उदाहरण: कुछ होटल चेन्स और प्रीमियम रिटेल ब्रांड्स। तुम ₹50 लाख डालो, वो चलाएँ, तुम्हें राजस्व या मुनाफ़ा का पर्सेंटेज मिले।
तुम्हारा रोल: निवेशक निवेश: हाई कंट्रोल: लो जोखिम: मीडियम (संचालनल जोखिम कम, लेकिन फ़ाइनेंशियल जोखिम रहता है)
COCO — कंपनी ओन्ड, कंपनी ऑपरेटेड
ये फ़्रेंचाइज़ी नहीं है — कंपनी ख़ुद आउटलेट ओन और ऑपरेट करती है। यहाँ कम्प्लीटनेस के लिए मेंशन किया। जब ब्रांड के COCO और FOFO दोनों आउटलेट्स हों, COCO अक्सर फ़्लैगशिप/प्रशिक्षण जगह्स होते हैं।
तुम्हारा रोल: कोई नहीं (कंपनी का अपना आउटलेट)
India में ज़्यादातर फ़्रेंचाइज़ी अवसरज़ — फ़ूड, रिटेल, एजुकेशन में — FOFO मॉडल है। तुम ओनर और ऑपरेटर हो। ब्रांड साझेदार है। ये चैप्टर प्राइमरिली FOFO पर ध्यान करता है।
फ़्रेंचाइज़ी की इकोनॉमिक्स
अब नंबर्स पर आते हैं। यहाँ ज़्यादातर फ़्रेंचाइज़ी पिचेज़ वेग हो जाती हैं, और यहीं तुम्हें सबसे केयरफ़ुल रहना है।
1. फ़्रेंचाइज़ी फ़ी (वन-टाइम)
ब्रांड इस्तेमाल करने के राइट के लिए अपफ़्रंट लागत। वाइल्डली वेरी करती है।
| श्रेणी | टिपिकल फ़्रेंचाइज़ी फ़ी |
|---|---|
| स्मॉल फ़ूड ब्रांड्स | ₹2-5 लाख |
| मिड-टियर फ़ूड ब्रांड्स | ₹5-12 लाख |
| प्रीमियम फ़ूड ब्रांड्स | ₹10-25 लाख |
| एजुकेशन/कोचिंग सेंटर्स | ₹3-10 लाख |
| रिटेल (फ़ैशन, आईवेयर) | ₹5-20 लाख |
| फ़िटनेस/वेलनेस | ₹5-15 लाख |
मिलता क्या है: ब्रांड नेम इस्तेमाल करने का राइट, इनिशियल प्रशिक्षण, संचालन मैन्युअल, कभी-कभी इनिशियल मार्केटिंग सपोर्ट।
नहीं मिलता: सफलता की गारंटी। फ़्रेंचाइज़ी फ़ी ज़्यादातर केसेज़ में नॉन-रिफ़ंडेबल है।
2. सेटअप लागत (वन-टाइम)
आउटलेट बिल्ड करना — इंटीरियर्स, फ़र्नीचर, इक्विपमेंट, साइनेज, टेक्नोलॉजी, इनिशियल इन्वेंटरी। अक्सर फ़्रेंचाइज़र ख़ास वेंडर्स मैंडेट करता है, जो मार्केट रेट से महँगे हो सकते हैं।
विक्रम का सेटअप ब्रेकडाउन:
| आइटम | लागत |
|---|---|
| फ़्रेंचाइज़ी फ़ी | ₹5,00,000 |
| इंटीरियर बिल्ड-आउट (ब्रांड-स्पेसिफ़ाइड) | ₹4,50,000 |
| किचन इक्विपमेंट | ₹3,20,000 |
| फ़र्नीचर एंड फ़िक्सचर्स | ₹1,80,000 |
| साइनेज एंड ब्रांडिंग | ₹85,000 |
| POS सिस्टम एंड टेक्नोलॉजी | ₹45,000 |
| इनिशियल इन्वेंटरी | ₹60,000 |
| सिक्योरिटी डिपॉज़िट (रेंट) | ₹1,20,000 |
| मिसलेनियस | ₹40,000 |
| कुल | ₹18,00,000 |
3. मंथली रॉयल्टी
ऑनगोइंग पर्सेंटेज — ग्रॉस राजस्व का (मुनाफ़ा का नहीं) — फ़्रेंचाइज़र को पे करना। ये फ़्रेंचाइज़र की तुमसे प्राइमरी आमदनी है।
टिपिकल रेंज: 5-10% ऑफ़ राजस्व।
क्रिटिकल पॉइंट: ये राजस्व पर है, मुनाफ़ा पर नहीं। मंथली राजस्व ₹4 लाख है और रॉयल्टी 8% — तो ₹32,000 पे करोगे — चाहे उस महीने मुनाफ़ा हो या घाटा।
4. मार्केटिंग कॉन्ट्रिब्यूशन
ब्रांड-लेवल एडवर्टाइज़िंग के लिए अलग पर्सेंटेज। तुम पे करते हो, लेकिन कैसे ख़र्च हो — ये तुम कंट्रोल नहीं करते।
टिपिकल रेंज: 2-5% ऑफ़ राजस्व।
5. रॉ मटीरियल/आपूर्ति चेन मार्कअप्स
कुछ फ़्रेंचाइज़र्स रिक्वायर करते हैं कि इंग्रीडिएंट्स या उत्पाद सिर्फ उनसे या उनके अप्रूव्ड आपूर्तिकर्ता से ख़रीदो। अगर वो दामेज़ मार्केट से ज़्यादा हैं — ये हिडन लागत है।
विक्रम ने डिस्कवर किया कि प्रोप्राइटरी स्पाइस मिक्स जो इस्तेमाल करना ज़रूरी है — कम्पेरेबल लोकल ऑल्टरनेटिव से 20% महँगा है। साल भर में, ये एक्स्ट्रा ₹1.5 लाख लागत है जो टालना नहीं हो सकती।
विक्रम की रियल P&L: महीना-दर-महीना
विक्रम की फ़्रेंचाइज़ी में टिपिकल मंथ में असलीी क्या होता है:
VIKRAM'S FRANCHISE — MONTHLY P&L (AVERAGE MONTH)
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REVENUE
डाइन-इन सेल्स: ₹1,80,000
डिलीवरी (Swiggy/Zomato): ₹2,00,000
सीधा/टेकअवे: ₹40,000
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TOTAL REVENUE: ₹4,20,000
COSTS
फ़ूड लागत (31%): ₹1,30,200
स्टाफ़ तनख़्वाहज़ (4 + विक्रम): ₹62,000
रेंट: ₹40,000
इलेक्ट्रिसिटी + गैस: ₹24,000
पैकेजिंग: ₹18,000
डिलीवरी कमीशन्स (~24%): ₹48,000
फ़्रेंचाइज़ी रॉयल्टी (8%): ₹33,600
मार्केटिंग कॉन्ट्रिब्यूशन (4%): ₹16,800
बनाए रखेंस/रिपेयर्स: ₹5,000
अकाउंटिंग/कम्प्लायंस: ₹3,000
मिसलेनियस: ₹5,000
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TOTAL COSTS: ₹3,85,600
NET PROFIT (बिफ़ोर टैक्स): ₹34,400
विक्रम की इफ़ेक्टिव तनख़्वाह: ₹0
(वो 12+ घंटे डेली काम करता है
लेकिन अलग तनख़्वाह नहीं लेता)
विक्रम की इफ़ेक्टिव मंथली आमदनी: ₹34,400 — 12-14 घंटे डेली, हफ़्ते के 7 दिन, स्टाफ़ मैनेज करने, रेटिंग बनाए रख करने, और इनिशियल निवेश वसूल करने के स्ट्रेस के साथ।
इस रेट पर, ₹18 लाख निवेश वसूल होने में करीब 4.4 साल लगेंगे (घाटा वाले महीने, इक्विपमेंट रिप्लेसमेंट, रेंट इंक्रीज़ — ये अलग)।
"जब फ़्रेंचाइज़ी कंसल्टेंट ने प्रोजेक्शन्स दिखाए थे, मंथली मुनाफ़ा ₹65,000-80,000 था," विक्रम बोलता है। "किसी ने नहीं बताया कि डिलीवरी कमीशन्स 24% खाएँगी। किसी ने अनिवार्य स्पाइस आपूर्तिकर्ता मार्कअप नहीं बताया। किसी ने नहीं बताया कि 'मार्केटिंग कॉन्ट्रिब्यूशन' नैशनली ब्रांड के Instagram ऐड्स पर ख़र्च होगा, मेरे ख़ास आउटलेट पर नहीं।"
फ़्रेंचाइज़ी इवैल्युएट करना: ड्यू डिलिजेंस चेकलिस्ट
किसी भी फ़्रेंचाइज़ी में निवेश करने से पहले — ये इलाक़ाज़ थरोली निवेशिगेट करो:
1. एग्ज़िस्टिंग फ़्रेंचाइज़ीज़ से बात करो
सबसे इम्पॉर्टेंट चरण। फ़्रेंचाइज़र सफलता स्टोरीज़ देगा। तुम्हें पूरी पिक्चर चाहिए।
- 5-10 एग्ज़िस्टिंग आउटलेट्स विज़िट करो (सिर्फ वो नहीं जो फ़्रेंचाइज़र रिकमेंड करे)
- पूछो: "ALL लागतें के बाद असली मंथली मुनाफ़ा क्या है?"
- पूछो: "दोबारा करोगे?"
- पूछो: "फ़्रेंचाइज़र ने क्या वादा किया था vs असलीी क्या हुआ?"
- पूछो: "सबसे बड़ी चुनौती क्या है?"
अगर फ़्रेंचाइज़र फ़्रेंचाइज़ी कॉन्टैक्ट डीटेल्स नहीं दे रहा — रेड फ़्लैग।
2. यूनिट इकोनॉमिक्स समझो
फ़्रेंचाइज़र की "प्रोजेक्टेड P&L" पर ट्रस्ट मत करो। ख़ुद स्क्रैच से बनाओ:
- असली फ़ूड लागत/उत्पाद लागत वेरिफ़ाई करो
- टारगेट जगह के लिए रियल रेंट कोट्स लो
- डिलीवरी कमीशन्स गणना करो (सिर्फ फ़ूड लागत + रॉयल्टी नहीं)
- EVERY लागत ऐड करो: बनाए रखेंस, कम्प्लायंस, इंश्योरेंस, रिप्लेसमेंट स्टाफ़
- तीन सिनारियोज़ बनाओ: ऑप्टिमिस्टिक, यथार्थवादी, पेसिमिस्टिक
3. ब्रांड का ट्रैक रिकॉर्ड चेक करो
- ब्रांड कितने समय से फ़्रेंचाइज़िंग कर रहा है?
- कितने आउटलेट्स हैं? कितने बंद हुए?
- आउटलेट क्लोज़र रेट क्या है? (100 में से 30 आउटलेट्स 3 साल में बंद — वॉर्निंग)
- ब्रांड ग्रो हो रहा है या श्रिंक?
- मल्टीपल आउटलेट्स की ऑनलाइन समीक्षाज़ चेक करो (सिर्फ बेस्ट वन्स नहीं)
4. टेरिटरी सुरक्षा समझो
- तुम्हारे इलाक़ा के एक्सक्लूसिव राइट्स हैं? "इलाक़ा" कैसे डिफ़ाइन है?
- फ़्रेंचाइज़र तुम्हारे 500 मीटर में दूसरा आउटलेट खोल सकता है?
- अगर मुक़ाबलािंग ब्रांड पहले से प्रेज़ेंट हो तो?
5. फ़्रेंचाइज़ी समझौता लॉयर से समीक्षा करवाओ
CA नहीं, दोस्त नहीं — लॉयर जो फ़्रेंचाइज़ी समझौते समझता हो। ये नॉन-नेगोशिएबल है।
6. ब्रेक-ईवन पीरियड गणना करो
कितने महीने लगेंगे जब तक कुल अर्निंग्स = कुल निवेश? अगर 3 साल से ज़्यादा — ध्यान से सोचो। 5 साल से ज़्यादा? बहुत स्ट्रॉन्ग वजहें हों तभी आगे बढ़ो।
फ़्रेंचाइज़ी समझौता: इम्पॉर्टेंट क्लॉज़ेज़
फ़्रेंचाइज़ी समझौता एक लीगल कॉन्ट्रैक्ट है, टिपिकली 20-50 पेजेज़। ज़्यादातर फ़्रेंचाइज़ीज़ बिना ध्यान से पढ़े साइन कर देते हैं। उनमें से मत बनो।
क्लॉज़ 1: टर्म और रिन्यूअल
- समझौता कितने साल की है? (टिपिकली 5-10 ईयर्स)
- रिन्यू हो सकती है? किस लागत पर?
- टर्म ख़त्म होने पर क्या होता है? जो बनाया — वो गया?
क्लॉज़ 2: टेरिटरी एक्सक्लूसिविटी
- टेरिटरी डिफ़ाइंड और एक्सक्लूसिव है?
- फ़्रेंचाइज़र पास में दूसरा आउटलेट डाल सकता है?
- "टेरिटरी" में ऑनलाइन डिलीवरी इन्क्लूड है (जिसकी जियोग्राफ़िक बाउंड्री नहीं)?
क्लॉज़ 3: एग्ज़िट और टर्मिनेशन
- समझौता से जल्दी निकल सकते हो? पेनल्टी क्या है?
- फ़्रेंचाइज़र तुम्हें किन कंडीशन्स पर टर्मिनेट कर सकता है?
- टर्मिनेट होने पर सेटअप, इक्विपमेंट, इन्वेंटरी का क्या?
- फ़्रेंचाइज़ी किसी और को बेच सकते हो? फ़्रेंचाइज़र को फ़र्स्ट राइट ऑफ़ रिफ़्इस्तेमालल है?
क्लॉज़ 4: आपूर्ति चेन ऑब्लिगेशन्स
- ख़ास आपूर्तिकर्ता से ख़रीदना ज़रूरी है?
- अगर वो आपूर्तिकर्ता महँगे हों?
- बेटर डील्स मिलें तो नेगोशिएट या स्विच कर सकते हो?
क्लॉज़ 5: फ़ीज़ और इंक्रीज़ेज़
- रॉयल्टी पर्सेंटेज बढ़ सकता है?
- मार्केटिंग कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़ सकता है?
- उत्पाद/इंग्रीडिएंट दामेज़ फ़्रेंचाइज़र बढ़ाए तो?
क्लॉज़ 6: संचालनल रिस्ट्रिक्शन्स
- मेन्यू में आइटम्स ऐड कर सकते हो?
- अपने दामेज़ सेट कर सकते हो?
- अपनी डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म स्ट्रैटेजी चूज़ कर सकते हो?
- लोकल प्रमोशन्स रन कर सकते हो?
क्लॉज़ 7: प्रदर्शन रिक्वायरमेंट्स
- मिनिमम राजस्व टारगेट्स हैं?
- मीट नहीं किए तो? (कुछ समझौते अंडरप्रदर्शन पर टर्मिनेशन अलाउ करते हैं)
- टारगेट्स तुम्हारी जगह के लिए यथार्थवादी हैं?
क्लॉज़ 8: नॉन-मुक़ाबला
- समझौता के दौरान: दूसरा फ़ूड बिज़नेस चला सकते हो?
- समझौता के बाद: नॉन-मुक़ाबला पीरियड है? (कुछ समझौते एग्ज़िट के बाद 2-3 साल सिमिलर बिज़नेस खोलने से रोकते हैं)
विक्रम का लेसन: "मेरी समझौता में एक क्लॉज़ है — अगर डिलीवरी ऐप्स पर रेटिंग लगातार 3 महीने 4.0 से नीचे रहे, तो फ़्रेंचाइज़र 90 दिन नोटिस देकर टर्मिनेट कर सकता है। साइन करते वक़्त ये क्लॉज़ नोटिस ही नहीं किया। अब रात को नींद नहीं आती।"
फ़्रेंचाइज़िंग के फ़ायदे
लागतें और रिस्ट्रिक्शन्स के बावजूद, फ़्रेंचाइज़िंग के रियल फ़ायदे हैं:
1. प्रूवन मॉडल
किसी और ने पहले ग़लतियाँ किए, मेन्यू टेस्ट किया, संचालन रिफ़ाइन किए। तुम वर्ज़न 5.0 से शुरू कर रहे हो, वर्ज़न 1.0 से नहीं।
2. ब्रांड रिकग्निशन
ग्राहकों ब्रांड जानते हैं। ट्रस्ट करते हैं। Swiggy पर सर्च करते हैं। डे वन से लोग आते हैं क्योंकि नाम पहचानते हैं। ज़ीरो से अवेयरनेस बिल्ड करने की ज़रूरत नहीं।
3. प्रशिक्षण और सपोर्ट
ज़्यादातर फ़्रेंचाइज़र्स इनिशियल प्रशिक्षण (1-2 वीक्स) और ऑनगोइंग सपोर्ट देते हैं। विक्रम ने प्रशिक्षण में किचन प्रबंधन, फ़ूड लागत गणना, स्टाफ़ शेड्यूलिंग, हाइजीन प्रोटोकॉल्स सीखे। फ़्रेंचाइज़ी बिना, ये सब महँगा ग़लतियाँ से सीखता।
4. स्केल पर मार्केटिंग
ब्रांड नैशनल या रीजनल कैम्पेन्स चलाता है — सब आउटलेट्स को फ़ायदा। TV ऐड्स, इन्फ़्लुएंसर कैम्पेन्स, Swiggy प्रमोशन्स — विक्रम इंडिविजुअली अफ़ोर्ड नहीं कर सकता।
5. आपूर्ति चेन
बल्क परचेसिंग पावर। फ़्रेंचाइज़र 120+ आउटलेट्स के लिए नेगोशिएट करता है — इंडिविजुअल आउटलेट ओनर को ये दामेज़ नहीं मिलतीं। (हालाँकि कभी-कभी मार्कअप इस फ़ायदा को ऑफ़सेट कर देता है।)
6. टेक्नोलॉजी
POS सिस्टम्स, इन्वेंटरी प्रबंधन, CRM टूल्स — ब्रांड प्रोवाइड करता है। ख़ुद बिल्ड करने में लाखों लगते।
7. कम्ड जोखिम (ज़ीरो जोखिम नहीं)
स्टैटिस्टिक्स दिखाते हैं — फ़्रेंचाइज़ी बिज़नेसेज़ की पहले 3 साल में जीवित रहना रेट इंनिर्भर बिज़नेसेज़ से ज़्यादा। गारंटीड सफलता नहीं, लेकिन बेटर ऑड्स।
फ़्रेंचाइज़िंग के नुक़सानेज़
1. लिमिटेड फ़्रीडम
मेन्यू बदलाव नहीं कर सकते। आउटलेट रीडिज़ाइन नहीं कर सकते। प्रमोशन्स बिना अप्रूवल नहीं। आपूर्तिकर्ता स्विच नहीं। किसी और का विज़न — तुम्हारे पैसे से ऑपरेट हो रहा है।
"मैं लोकल पहाड़ी थाली विकल्प ऐड करना चाहता था — देहरादून में ह्यूज माँग है," विक्रम बोलता है। "ब्रांड ने मना कर दिया। मेन्यू पूरे India में यूनिफ़ॉर्म होना चाहिए। वो राजस्व बगल के ढाबे को गया।"
2. ऑनगोइंग फ़ीज़ मार्जिन्स खा जाते हैं
8% रॉयल्टी + 4% मार्केटिंग = 12% ऑफ़ राजस्व, हर महीने, मुनाफ़ा हो या ना हो। ₹4.2 लाख राजस्व पर ₹50,400 ब्रांड को जाते हैं। साल भर में: ₹6 लाख। 5 साल में: ₹30 लाख — विक्रम की इनिशियल निवेश का लगभग डबल।
3. ब्रांड जोखिम
ब्रांड ट्रबल में आए — फ़ूड सेफ़्टी स्कैंडल, सोशल मीडिया कॉन्ट्रोवर्सी, फ़ाउंडर कॉन्ट्रोवर्सी — हर फ़्रेंचाइज़ी सफ़र करता है। तुम्हारा कंट्रोल ज़ीरो।
4. टेरिटरी एन्क्रोचमेंट
कुछ फ़्रेंचाइज़र्स, बढ़त प्रेशर में, ओवरलैपिंग टेरिटरीज़ में फ़्रेंचाइज़ेज़ बेच देते हैं। तुम्हारा ग्राहक बेस डाइल्यूट होता है, रॉयल्टी नहीं कम होती।
5. निर्भरेंसी
फ़्रेंचाइज़र बैंक्रप्ट हो जाए या ऑपरेट करना बंद करे — तुम्हारा क्या? ब्रांड, सिस्टम्स, आपूर्ति चेन — सब उनसे लिंक्ड।
6. रीसेल और एग्ज़िट चुनौतियाँ
फ़्रेंचाइज़ी बेचना अपना बिज़नेस बेचने जैसा नहीं। फ़्रेंचाइज़र को usually बायर अप्रूव करने का राइट होता है। कुछ ट्रांसफ़र फ़ी भी लेते हैं (सेल दाम का 5-10%)।
फ़्रेंचाइज़ी vs अपना ब्रांड: फ़ैसला फ़्रेमवर्क
ये असली सवाल है। फ़्रेंचाइज़ी करो या इंनिर्भरली बिल्ड करो?
| फ़ैक्टर | फ़्रेंचाइज़ी | अपना ब्रांड |
|---|---|---|
| अवेलेबल कैपिटल | ₹10-50 लाख (फ़ूड), रिटेल में ज़्यादा | छोटे से शुरू करो, धीरे-धीरे बढ़ाओ |
| उद्योग अनुभव | ज़्यादा ज़रूरी नहीं — ब्रांड ट्रेन करता है | अहम हैंड्स-ऑन अनुभव चाहिए |
| जोखिम टॉलरेंस | कम जोखिम, कम सीलिंग | ज़्यादा जोखिम, ज़्यादा सीलिंग |
| राजस्व तक टाइम | फ़ास्टर (ब्रांड + सिस्टम्स रेडी) | स्लोअर (सब ख़ुद बिल्ड करो) |
| क्रिएटिव कंट्रोल | बहुत लिमिटेड | कम्प्लीट |
| लॉन्ग-टर्म वेल्थ | फ़्रेंचाइज़ी इकोनॉमिक्स से कैप्ड | अनलिमिटेड अगर ब्रांड सक्सीड करे |
| एग्ज़िट विकल्प | समझौता से रिस्ट्रिक्टेड | सब तुम्हारा, किसी को भी बेचो |
| स्केलेबिलिटी | और फ़्रेंचाइज़ी आउटलेट्स खोल सकते हो | अपना ब्रांड फ़्रेंचाइज़ कर सकते हो |
फ़्रेंचाइज़ी चूज़ करो अगर:
- कैपिटल है लेकिन उद्योग अनुभव लिमिटेड है
- प्रूवन मॉडल चाहिए और नियम पालन करने को तैयार हो
- मैक्सिमम इनाम की बजाय कम्ड जोखिम वैल्यू करते हो
- ऑपरेटर बनना चाहते हो, क्रिएटर नहीं
- पहली बार उद्योग में एंटर कर रहे हो
अपना ब्रांड चूज़ करो अगर:
- उद्योग अनुभव है और स्ट्रॉन्ग आइडियाज़ हैं
- क्रिएटिव कंट्रोल चाहिए
- हायर जोखिम आरामदेह है — पोटेंशियली हायर इनाम के लिए
- लॉन्ग टर्म (5-10+ ईयर्स) के लिए बिल्ड कर रहे हो
- यूनीक पेशकशिंग है जो एग्ज़िस्टिंग फ़्रेंचाइज़ेज़ सर्व नहीं करतीं
तीसरा विकल्प: सीखो, फिर बनाओ
बहुत सफल ब्रांड फ़ाउंडर्स फ़्रेंचाइज़ी ऑपरेटर्स के रूप में शुरू हुए। 2-3 साल किसी और की फ़्रेंचाइज़ी चलाई — सिस्टम्स, ग्राहक बिहेवियर, यूनिट इकोनॉमिक्स सीखे। फिर व्यावहारिक नॉलेज के साथ अपना ब्रांड बनाया।
अंकिता ने पैकेज्ड फ़ूड्स के लिए फ़्रेंचाइज़ी कंसिडर किया लेकिन तय किया नहीं करेगी। "फ़्रेंचाइज़ी मॉडल मेरे लिए सेंस नहीं बना। मेरा कॉम्पिटिटिव फ़ायदा यूनीकनेस IS — दादी का रेसिपी, पहाड़ी इंग्रीडिएंट्स, मेरी पर्सनल स्टोरी। फ़्रेंचाइज़ी ने ये छीन लिया होता और जेनेरिक उत्पाद दे दिए होते मेरे निवेश पर।"
India में पॉपुलर फ़्रेंचाइज़ी श्रेणियाँ
फ़ूड एंड बेवरेज (सबसे पॉपुलर)
- QSR: Domino's, Subway, KFC, McDonald's, Burger King — ₹30 लाख से ₹2 करोड़+
- बिरयानी/इंडियन फ़ूड चेन्स: Behrouz, Biryani Blues, स्मॉलर रीजनल ब्रांड्स — ₹8-25 लाख
- चाय/कॉफ़ी: Chai Sutta Bar, Chaayos, Third Wave Coffee — ₹10-30 लाख
- डेज़र्ट्स/आइसक्रीम: Baskin Robbins, Naturals, Keventers — ₹10-25 लाख
- बेकरी: Monginis, Theobroma — ₹8-20 लाख
एजुकेशन एंड प्रशिक्षण
- कोचिंग सेंटर्स: FIITJEE, Aakash — ₹15-50 लाख
- प्री-स्कूल्स: Kidzee, EuroKids — ₹10-25 लाख
- हुनर डेवलपमेंट: Aptech, NIIT — ₹10-30 लाख
रिटेल
- आईवेयर: Lenskart — ₹25-40 लाख
- फ़ैशन: Being Human, Fabindia — ₹20-50 लाख
- ग्रोसरी: More, Reliance Fresh — ₹15-40 लाख
हेल्थ एंड वेलनेस
- जिम/फ़िटनेस: Cult.fit, Anytime Fitness — ₹30-80 लाख
- सैलून: Jawed Habib, Naturals — ₹15-40 लाख
- फ़ार्मेसी: Apollo, MedPlus — ₹10-25 लाख
नोट: ये निवेश रेंजेज़ एप्रॉक्सिमेट हैं और बदलती रहती हैं। करंट फ़िगर्स हमेशा फ़्रेंचाइज़र और एग्ज़िस्टिंग फ़्रेंचाइज़ीज़ से सीधे वेरिफ़ाई करो।
आम फ़्रेंचाइज़ी ट्रैप्स और रेड फ़्लैग्स
रेड फ़्लैग 1: "गारंटीड रिटर्न्स"
कोई लेजिटिमेट फ़्रेंचाइज़ी रिटर्न्स गारंटी नहीं करता। अगर कोई बोले "₹1 लाख मुनाफ़ा पर मंथ गारंटीड" — या तो झूठ बोल रहा है या स्कीम चला रहा है। बिज़नेस में इनहेरेंट जोखिम है। जो अपनी पिच से जोखिम एलिमिनेट कर रहा है, कुछ छुपा रहा है।
रेड फ़्लैग 2: बहुत ज़्यादा क्लोज़र्स
सीधा पूछो: "पिछले 3 साल में कितने आउटलेट्स बंद हुए?" अगर जवाब ना दे, या नंबर कुल आउटलेट्स का 20% से ज़्यादा हो — कॉशस रहो।
रेड फ़्लैग 3: बात करने के लिए एग्ज़िस्टिंग फ़्रेंचाइज़ीज़ नहीं
अगर ब्रांड करंट फ़्रेंचाइज़ीज़ से बात नहीं करने दे, या सिर्फ "मॉडल" आउटलेट्स दिखाए — इन्फ़ॉर्मेशन कंट्रोल कर रहा है। वॉक अवे।
रेड फ़्लैग 4: जल्दी साइन करने का प्रेशर
"ये टेरिटरी लगभग ले ली जाने वाली है।" "पेशकश इस महीने ख़त्म।" "फ़्रेंचाइज़ी फ़ी अगली क्वार्टर बढ़ने वाली है।" क्लासिक प्रेशर टैक्टिक्स। अच्छी फ़्रेंचाइज़ी अवसर अगले महीने भी अवेलेबल होगी। रश कर रहे हैं तो पूछो क्यों।
रेड फ़्लैग 5: अनिवार्य वेंडर ज़रूरत से ज़्यादा दाम
अगर फ़्रेंचाइज़ी ख़ास आपूर्तिकर्ता से ख़रीदना रिक्वायर करे और वो दामेज़ मार्केट से काफ़ी ज़्यादा हों — फ़्रेंचाइज़र किकबैक कमा रहा हो सकता है। एनुअली कितना एक्स्ट्रा लागत है — गणना करो।
रेड फ़्लैग 6: वेग टेरिटरी सुरक्षा
"तुम्हारे पास देहरादून इलाक़ा होगा" — ये टेरिटरी सुरक्षा नहीं है। "तुम्हें आउटलेट से 3 km रेडियस में एक्सक्लूसिव राइट्स हैं, और इस रेडियस में समझौता की टर्म तक कोई नया आउटलेट नहीं खुलेगा" — ये सुरक्षा है। राइटिंग में लो।
रेड फ़्लैग 7: समझौता में हिडन लागतें
सेटअप लागतें जो इनिशियल एस्टिमेट से बहुत ज़्यादा निकलें। "अनिवार्य रीफ़र्बिशमेंट" हर 2-3 साल तुम्हारी लागत पर। टेक्नोलॉजी फ़ीज़ जो अपफ़्रंट मेंशन नहीं हुई थीं। समझौता का हर पेज पढ़ो।
रेड फ़्लैग 8: फ़्रेंचाइज़र के ख़ुद के COCO आउटलेट्स नहीं
अगर फ़्रेंचाइज़र का एक भी कंपनी-ओन्ड आउटलेट नहीं — ख़ुद से पूछो: क्यों? मॉडल इतना फ़ायदेमंद है तो ख़ुद आउटलेट्स क्यों नहीं चला रहे? कभी-कभी लेजिटिमेट वजह होता है (कैपिटल-लाइट स्ट्रैटेजी)। कभी-कभी असली बिज़नेस मॉडल फ़्रेंचाइज़ेज़ बेचना है, रेस्टोरेंट्स चलाना नहीं।
बॉटम लाइन
विक्रम अपनी फ़्रेंचाइज़ी समझौता के साथ बैठता है, 14 महीने हो गए। पैसा नहीं डूब रहा — अच्छे महीनों में ₹34,000-45,000 मुनाफ़ा। लेकिन उतना नहीं बन रहा जितना उम्मीद किया था।
वो गणना करता है: 5 साल में ब्रांड को एप्रॉक्सिमेटली ₹30 लाख दिए होंगे रॉयल्टीज़ और मार्केटिंग फ़ीज़ में। ₹18 लाख निवेश ऐड करो। ₹48 लाख — किसी और के ब्रांड में कमिटेड।
"अगर ₹18 लाख अपने ब्रांड पर लगाता?" वो सोचता है। "शायद पहले साल नाकाम हो जाता। शायद और बुरा करता। लेकिन शायद — बस शायद — कुछ बनाता जो सच में मेरा होता।"
फ़्रेंचाइज़ी पर रिग्रेट नहीं है। सिस्टम्स सीखे, डिसिप्लिन सीखी, फ़ूड लागत गणना सीखी, टीम प्रबंधन सीखा। लेकिन जानता है ये फ़ॉरेवर नहीं है।
"दो साल और," ख़ुद से बोलता है। "जो सीख सकता हूँ — सीख लूँ। इनफ़ सेव कर लूँ। फिर अपना ब्रांड बनाऊँगा। और इस बार, रॉयल्टी किसी को नहीं जाएगी।"
फ़्रेंचाइज़ी एक टूल है। किसी भी टूल की तरह — सही काम के लिए ब्रिलिएंटली काम करता है, ग़लत काम के लिए टेरिबली। की है एग्ज़ैक्टली समझना कि तुम क्या ख़रीद रहे हो, क्या दे रहे हो, और मैथ तुम्हारी ख़ास सिचुएशन में काम करता है या नहीं।
ब्रांड नेम से प्यार मत करो। नंबर्स से प्यार करो। नंबर्स काम कर रहे हैं — पेसिमिस्टिक सिनारियो में भी — तो शायद अच्छा निवेश है। नंबर्स सिर्फ फ़्रेंचाइज़र की ऑप्टिमिस्टिक प्रोजेक्शन में काम करते हैं — अपने ₹18 लाख बैंक में रखो।
चैप्टर चेकलिस्ट
फ़्रेंचाइज़ी समझौता साइन करने से पहले:
- कम से कम 5 एग्ज़िस्टिंग फ़्रेंचाइज़ीज़ से बात की (फ़्रेंचाइज़र ने रिकमेंड नहीं किए)?
- अपनी P&L बनाई यथार्थवादी (ऑप्टिमिस्टिक नहीं) एसम्प्शन्स के साथ?
- एग्ज़ैक्ट फ़्रेंचाइज़ी फ़ी, रॉयल्टी, मार्केटिंग कॉन्ट्रिब्यूशन, और सब हिडन लागतें पता हैं?
- ब्रेक-ईवन पीरियड गणना किया? 3 साल से कम है?
- फ़्रेंचाइज़ी समझौता क्वालिफ़ाइड लॉयर से समीक्षा करवाई?
- टेरिटरी सुरक्षा (या उसकी कमी) समझ में आई?
- एग्ज़िट क्लॉज़ पता है? निकलना चाहें तो क्या होगा?
- ब्रांड की आउटलेट क्लोज़र रेट चेक की?
- सेम कैपिटल से इंनिर्भरली क्या बना सकते थे — ये कंसिडर किया?
- ये फ़्रेंचाइज़ी इकोनॉमिक्स काम करती है इसलिए चूज़ कर रहे हैं, या ब्रांड पसंद है इसलिए?