बिज़नेस शब्दावली

इस ग्घाटारी में वो सभी ज़रूरी बिज़नेस टर्म्स हैं जो इस पूरी किताब में इस्तेमाल हुई हैं — अल्फ़ाबेटिकल ऑर्डर में। हर टर्म के साथ एक सिंपल डेफ़िनिशन है, और जहाँ मददगार है, हमारे उत्तराखंड के कैरेक्टर्स के उदाहरण भी दिए हैं।

जब भी किसी चैप्टर में कोई वर्ड समझ न आए, यहाँ आकर देख लो।


A

एक्सेलरेटर एक टाइम-बाउंड प्रोग्राम (आमतौर पर 3-6 महीने) जो अर्ली-चरण स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, फ़ंडिंग, और कनेक्शन्स देकर तेज़ी से ग्रो होने में मदद करता है। उदाहरण: प्रिया का एग्री-टेक ऐप एक बैंगलोर एक्सेलरेटर में सिलेक्ट हुआ — ₹25 लाख फ़ंडिंग, दफ़्तर स्पेस, और निवेशक से इंट्रोडक्शन मिला।

अकाउंट्स पेएबल (AP) वो पैसा जो आपका बिज़नेस दूसरों को देना है — आपूर्तिकर्ता, वेंडर्स, मकान मालिक। बैलेंस शीट पर लायबिलिटी है। उदाहरण: भंडारी अंकल को अपने सीमेंट डिस्ट्रीब्यूटर को ₹1,80,000 देने हैं। ये उनका अकाउंट्स पेएबल है।

अकाउंट्स रिसीवेबल (AR) वो पैसा जो दूसरे लोग आपके बिज़नेस को देने हैं — क्रेडिट पर खरीदा, अभी पे नहीं किया। बैलेंस शीट पर एसेट है, लेकिन बैंक में आए तभी काम का। उदाहरण: कॉन्ट्रैक्टर्स भंडारी अंकल को ₹4,00,000 देने हैं। ये अकाउंट्स रिसीवेबल है — कागज़ पर है, बैंक अकाउंट में नहीं।

एक्विज़िशन जब एक कंपनी दूसरी कंपनी को ख़रीद लेती है — उत्पाद, टीम, या ग्राहक बेस लेने के लिए। स्टार्टअप फ़ाउंडर्स की "एग्ज़िट" का एक तरीक़ा। उदाहरण: अगर कोई बड़ी फ़ूड कंपनी अंकिता का पहाड़ी फ़ूड ब्रांड ख़रीद ले, तो वो एक्विज़िशन है।

एंजल निवेशक एक इंडिविजुअल जो अपने पर्सनल पैसे से अर्ली-चरण स्टार्टअप में निवेश करता है, VC से पहले। आमतौर पर ₹5-50 लाख निवेश करते हैं। उदाहरण: प्रिया का पहला निवेशक एक एंजल था — एक रिटायर्ड टेक एग्ज़ीक्यूटिव जिसने ₹20 लाख लगाए 10% इक्विटी के लिए।

एंटी-डाइल्यूशन निवेश समझौता में एक क्लॉज़ जो निवेशक की ओनरशिप परसेंटेज बचाता है — अगर कंपनी बाद में कम वैल्यूएशन पर पैसे रेज़ करे।

APMC (एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमिटी) गवर्नमेंट-रेगुलेटेड मार्केट (मंडी) जहाँ किसानों को कुछ क्रॉप्स बेचने ज़रूरी होते हैं। लाइसेंस्ड बिचौलियों के ज़रिए मूल्य निर्धारण होती है। उदाहरण: रावत जी के सेब ट्रेडिशनली हल्द्वानी की APMC मंडी से गुज़रकर दिल्ली पहुँचते थे।

ARPU (एवरेज राजस्व पर इस्तेमालर) कुल राजस्व को कुल इस्तेमालर्स से डिवाइड करो। बताता है कि हर इस्तेमालर एवरेज कितना पैसा जनरेट करता है। उदाहरण: अगर प्रिया का ऐप 1,000 एक्टिव किसानों से ₹5 लाख/मंथ कमाता है, तो ARPU ₹500 है।

ARR (एनुअल रिकरिंग राजस्व) रिकरिंग सब्सक्रिप्शन या कॉन्ट्रैक्ट राजस्व की ईयरली वैल्यू। ARR = MRR x 12। SaaS और सब्सक्रिप्शन बिज़नेसेस के लिए ज़रूरी मापदंड।

एसेट्स वो सब कुछ जो बिज़नेस के पास वैल्यूएबल है — कैश, इन्वेंटरी, इक्विपमेंट, ज़मीन, गाड़ी, रिसीवेबल्स। बैलेंस शीट के एक तरफ़ लिस्टेड होते हैं। उदाहरण: भंडारी अंकल के एसेट्स में ₹15-20 लाख का स्टॉक, रजिस्टर में कैश, और ₹4 लाख अकाउंट्स रिसीवेबल शामिल हैं।

B

B2B (बिज़नेस टू बिज़नेस) अपना उत्पाद या सेवा दूसरे बिज़नेसेस को बेचना, इंडिविजुअल कन्ज़्यूमर्स को नहीं। उदाहरण: अंकिता 500 जार्स किसी कॉर्पोरेट गिफ़्टिंग कंपनी को बेचे — वो B2B है।

B2C (बिज़नेस टू कन्ज़्यूमर) सीधे एंड-ग्राहकों को बेचना। उदाहरण: अंकिता इंस्टाग्राम से एक जार चटनी किसी ग्राहक को बेचे — वो B2C है।

बैलेंस शीट एक फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट जो बताता है कि बिज़नेस के पास क्या है (एसेट्स), किसको कितना देना है (लायबिलिटीज़), और ओनर का कितना है (इक्विटी)। फ़ॉर्मूला: एसेट्स = लायबिलिटीज़ + इक्विटी.

बूटस्ट्रैपिंग बिज़नेस को सिर्फ़ अपने पैसे और राजस्व से बिल्ड करना — बाहर से कोई निवेशक नहीं। इंडिया में ज़्यादातर स्मॉल बिज़नेसेस बूटस्ट्रैप्ड हैं। उदाहरण: पुष्पा दीदी ने अपनी सेविंग्स से चाय शॉप बनाई। अंकिता ने ₹80,000 लगाकर फ़ूड ब्रांड शुरू किया। दोनों बूटस्ट्रैप्ड हैं।

ब्रेक-ईवन वो पॉइंट जहाँ कुल राजस्व = कुल लागत। इससे नीचे घाटा, इससे ऊपर मुनाफ़ा। उदाहरण: पुष्पा दीदी को रोज़ 36 कप्स चाय बेचनी है ₹13,000 मंथली फ़िक्स्ड लागत कवर करने के लिए। यही ब्रेक-ईवन पॉइंट है।

बर्न रेट स्टार्टअप हर महीने राजस्व से ज़्यादा कितना ख़र्च करता है। अगर ₹2 लाख कमाओ और ₹5 लाख ख़र्च करो, बर्न रेट ₹3 लाख/मंथ है।

C

CAC (ग्राहक एक्विज़िशन लागत) एक नया ग्राहक लाने की कुल लागत — एड्स, छूटें, सेल्स टीम, सब कुछ मिलाकर। उदाहरण: अंकिता ₹15,000 इंस्टाग्राम एड्स पर ख़र्च करती है और 50 न्यू ग्राहकों आते हैं। CAC = ₹300 पर ग्राहक।

कैप टेबल (कैपिटलाइज़ेशन टेबल) एक डॉक्यूमेंट जो बताता है कि कंपनी में कौन कितने परसेंट का मालिक है। फ़ाउंडर्स, निवेशक, ESOP होल्डर्स — सबका हिस्सा लिस्टेड होता है।

कैश क्रंच जब बिज़नेस के पास तुरंत बिल्स पे करने के लिए कैश नहीं है, भले ही पेपर पर फ़ायदेमंद हो। उदाहरण: भंडारी अंकल का P&L मुनाफ़ा दिखाता है, लेकिन ₹4 लाख क्रेडिट में फँसे हैं। बैंक में ₹47,000 हैं, ₹1.8 लाख फ़्राइडे को देने हैं। यही कैश क्रंच है।

कैश फ़्लो बिज़नेस में पैसे का असली आना-जाना। पॉज़िटिव कैश फ़्लो = ज़्यादा पैसा आ रहा है। नेगेटिव = ज़्यादा जा रहा है। कैश फ़्लो और मुनाफ़ा सेम चीज़ नहीं हैं।

कैश फ़्लो स्टेटमेंट एक फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट जो बताता है कि कैश कहाँ से आया और कहाँ गया — ऑपरेटिंग, निवेश, और फ़ाइनेंसिंग एक्टिविटीज़ में।

चर्न कितने परसेंट ग्राहकों किसी पीरियड में उत्पाद इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं या सब्सक्रिप्शन कैंसल करते हैं। रिटेंशन का उल्टा।

CIBIL स्कोर TransUnion CIBIL का क्रेडिट स्कोर (300-900)। बैंक्स लोन अप्रूव करने से पहले चेक करते हैं। 750+ अच्छा माना जाता है। उदाहरण: विक्रम ने फ़्रेंचाइज़ी के लिए लोन लागू किया तो बैंक ने पहले CIBIL स्कोर चेक किया।

COGS (लागत ऑफ़ गुड्स सोल्ड) उत्पाद बनाने या ख़रीदने की सीधा लागत — रॉ मटीरियल, पैकेजिंग, सीधा लेबर। रेंट, एड्स, तनख़्वाह नहीं। उदाहरण: अंकिता की चटनी जार की COGS ₹80 है (इंग्रीडिएंट्स ₹45 + लेबर ₹10 + पैकेजिंग ₹25)।

कोहॉर्ट एनालिसिस इस्तेमालर्स को उनकी साइन-अप डेट के हिसाब से ग्रुप करना और फिर ट्रैक करना कि पुराने इस्तेमालर्स बेहतर परफ़ॉर्म कर रहे हैं या नए। उदाहरण: प्रिया चेक करती है कि जनवरी में जॉइन करने वाले किसान जून में भी एक्टिव हैं या नहीं।

कोल्ड चेन प्रोडक्शन से कन्ज़्यूमर तक रेफ़्रिजरेटेड स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट की अनब्रोकन चेन। पेरिशेबल गुड्स के लिए ज़रूरी। उदाहरण: रावत जी के सेबों को हार्वेस्ट के बाद कोल्ड स्टोरेज चाहिए — वरना दिनों में ख़राब हो जाते हैं और मंडी में सस्ते बेचने पड़ते हैं।

कोलैटरल वो एसेट जो आप लोन के बदले बैंक को गिरवी रखते हो। रीपे नहीं किया तो बैंक उसे ज़ब्त कर सकता है। उदाहरण: विक्रम ने फ़ैमिली की संपत्ति पेपर्स कोलैटरल में दिए ₹12 लाख लोन के लिए।

कन्वर्ज़न रेट कितने परसेंट लोगों ने वो एक्शन लिया जो आप चाहते थे। उदाहरण: अंकिता की इंस्टाग्राम शॉप पेज पर 1,000 लोग आए, 30 ने ऑर्डर किया — कन्वर्ज़न रेट 3%।

कन्वर्टिबल नोट स्टार्टअप को दिया गया लोन जो बाद में इक्विटी (शेयर्स) में कन्वर्ट हो जाता है, अगली फ़ंडिंग राउंड में, इस्तेमालुअली छूट पर।

कॉपीराइट ओरिजिनल क्रिएटिव वर्क की लीगल सुरक्षा — राइटिंग, म्इस्तेमालिक, सॉफ़्टवेयर कोड, फ़ोटोज़, डिज़ाइन्स। इंडिया में क्रिएशन पर अपने-आप मिलता है, रजिस्ट्रेशन से लीगल सुरक्षा स्ट्रॉन्ग होती है।

क्रॉस-सेलिंग एग्ज़िस्टिंग ग्राहक को रिलेटेड या कॉम्प्लिमेंट्री उत्पाद बेचना। उदाहरण: अंकिता का ग्राहक चटनी ख़रीदता है, अंकिता सजेस्ट करती है "मिक्स्ड पिकल भी ऐड कर लीजिए।" यही क्रॉस-सेलिंग है।

CTR (क्लिक-थ्रू रेट) एड या लिंक देखने वालों में से कितने परसेंट ने क्लिक किया। CTR = (क्लिक्स / इम्प्रेशन्स) x 100. उदाहरण: अंकिता का इंस्टाग्राम एड 10,000 लोगों को दिखा, 200 ने क्लिक किया — CTR 2%।

करंट अकाउंट बिज़नेस के लिए बना बैंक अकाउंट — अनलिमिटेड ट्रांज़ैक्शन्स। सेविंग्स अकाउंट जैसा इंटरेस्ट नहीं मिलता, लेकिन डिपॉज़िट्स और विड्रॉल्स पर कोई लिमिट नहीं। GST रजिस्ट्रेशन के लिए ज़रूरी।

D

D2C (सीधा टू कन्ज़्यूमर) सीधे एंड ग्राहक को बेचना — अपनी वेबसाइट, इंस्टाग्राम, या WhatsApp से — बीच के मिडलमैन, डिस्ट्रीब्यूटर्स, रिटेलर्स हटाकर। उदाहरण: अंकिता का पहाड़ी फ़ूड ब्रांड D2C है। ख़ुद बनाती है, इंस्टाग्राम पर मार्केट करती है, सीधे ग्राहक को शिप करती है।

DAU (डेली एक्टिव इस्तेमालर्स) एक दिन में कितने यूनीक इस्तेमालर्स ने उत्पाद इस्तेमाल किया। ऐप्स और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स का की मापदंड। उदाहरण: अगर 350 किसान एक दिन में प्रिया का ऐप खोलें, DAU 350 है।

डेप्रिसिएशन किसी एसेट की वैल्यू का समय के साथ कम होना — टूट-फूट या पुराना होने की वजह से। अकाउंटिंग में इसे एसेट की ज़िंदगी पर स्प्रेड करते हैं। उदाहरण: रावत जी ₹5 लाख की जूस प्रक्रियािंग मशीन ख़रीदें जो 10 साल चले — हर साल ₹50,000 डेप्रिसिएशन दिखा सकते हैं।

डाइल्यूशन जब कंपनी नई शेयर्स इश्यू करती है (निवेशक को), तो एग्ज़िस्टिंग शेयरहोल्डर्स का परसेंटेज ओनरशिप कम हो जाता है। उदाहरण: प्रिया के पास 100% ओनरशिप थी, 20% एंजल निवेशक को दी — अब उसकी 80% रह गई। यही डाइल्यूशन है।

डाइवर्सिफ़िकेशन नए उत्पाद, सेवाएँ, या मार्केट्स में एक्सपैंड करना ताकि एक सोर्स पर निर्भर न रहो। उदाहरण: रावत जी सिर्फ़ कच्चे सेब बेचने से एपल जूस और एपल साइडर विनेगर भी बनाने लगें — ताकि एक ख़राब सीज़न पूरा बिज़नेस न डुबोए।

ड्यू डिलिजेंस निवेश करने या कंपनी ख़रीदने से पहले निवेशक (या बायर) जो डीटेल्ड निवेशिगेशन करता है — फ़ाइनेंशियल्स, लीगल रिकॉर्ड, कॉन्ट्रैक्ट्स, टीम बैकग्राउंड्स, सब चेक करता है। चेक लिखने से पहले का थरो ऑडिट समझो।

E

EBITDA (अर्निंग्स बिफ़ोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन, एंड अमॉर्टाइज़ेशन) बिज़नेस की ऑपरेटिंग लाभप्रदता का मेज़र — फ़ाइनेंसिंग, टैक्स, और अकाउंटिंग चॉइसेस हटाकर। अलग बिज़नेसेस को तुलना करने के लिए उपयोगी।

EMI (इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट) लोन चुकाने के लिए हर महीने की फ़िक्स्ड पेमेंट — प्रिंसिपल और इंटरेस्ट दोनों मिलाकर। उदाहरण: विक्रम फ़्रेंचाइज़ी सेटअप के लोन पर हर महीने ₹28,000 EMI देता है।

इक्विटी बिज़नेस में ओनर की हिस्सेदारी। इक्विटी = एसेट्स - लायबिलिटीज़। स्टार्टअप्स में फ़ाउंडर्स निवेश के बदले इक्विटी देते हैं। उदाहरण: प्रिया ने 20% इक्विटी एंजल निवेशक को दी — निवेशक अब कंपनी का 20% मालिक है।

ESOP (एम्प्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्लान) एम्प्लॉईज़ को कंपनी के शेयर्स (या शेयर्स ख़रीदने का हक़) कम्पेंसेशन के तौर पर देना। स्टार्टअप्स इसे इस्तेमाल करते हैं टैलेंट आकर्षित करने के लिए जब ज़्यादा तनख़्वाह नहीं दे सकते। आमतौर पर 3-4 साल में वेस्ट होते हैं।

एग्ज़िट फ़ाउंडर्स और निवेशक अपना पैसा बिज़नेस से कैसे निकालते हैं — IPO, एक्विज़िशन, या शेयर्स बेचकर। हर बिज़नेस को एग्ज़िट ज़रूरी नहीं — स्मॉल बिज़नेसेस तो ज़िंदगी भर चलती हैं।

F

फ़िक्स्ड लागत वो लागत जो बिक्री हो या न हो, सेम रहती है। रेंट, तनख़्वाह, लोन EMI, इंश्योरेंस — 10 यूनिट्स बेचो या 10,000। उदाहरण: विक्रम की रेंट (₹45,000) + स्टाफ़ (₹48,000) + इलेक्ट्रिसिटी (₹12,000) + रॉयल्टी (₹15,000) + EMI (₹28,000) = ₹1,48,000/मंथ — चाहे ज़ीरो बर्गर्स बेचे या हज़ार।

FOCO (फ़्रेंचाइज़ी ओन्ड, कंपनी ऑपरेटेड) फ़्रेंचाइज़ी मॉडल जहाँ फ़्रेंचाइज़ी संपत्ति/निवेश का मालिक है लेकिन पैरेंट कंपनी डेली संचालन चलाती है। फ़्रेंचाइज़ी के लिए कम जोखिम, लेकिन कम कंट्रोल भी।

FOFO (फ़्रेंचाइज़ी ओन्ड, फ़्रेंचाइज़ी ऑपरेटेड) फ़्रेंचाइज़ी मॉडल जहाँ फ़्रेंचाइज़ी ही निवेश भी करता है और संचालन भी चलाता है। सबसे आम मॉडल। उदाहरण: विक्रम का देहरादून फ़्रेंचाइज़ी आउटलेट FOFO है — पैसे उसने लगाए, चलाता भी ख़ुद है।

FPO (फ़ार्मर प्रोड्यूसर व्यवस्थितेशन) किसानों का कलेक्टिव जो कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड हो — ताकि साथ मिलकर रिसोर्सेज़ पूल करें, बेहतर दाम नेगोशिएट करें, क्रेडिट एक्सेस करें। उदाहरण: रावत जी रानीखेत के FPO में जॉइन करें तो मंडी बायपास करके दिल्ली के रिटेलर्स को सीधे सेब बेच सकते हैं।

फ़्रेंचाइज़ी फ़ी फ़्रेंचाइज़र को दी जाने वाली वन-टाइम अपफ़्रंट फ़ी — ब्रांड, सिस्टम, और मॉडल इस्तेमाल करने के अधिकार के लिए। उदाहरण: विक्रम ने कई लाख फ़्रेंचाइज़ी फ़ी दी कन्स्ट्रक्शन शुरू करने से पहले ही।

FSSAI (फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) इंडिया में फ़ूड बिज़नेसेस को रेगुलेट करने वाली गवर्नमेंट बॉडी। हर बिज़नेस जो फ़ूड बनाता, स्टोर करता, ट्रांसपोर्ट करता, या बेचता है — उसे FSSAI लाइसेंस चाहिए। उदाहरण: अंकिता की FSSAI रजिस्ट्रेशन एक्सपायर हो गई और लीगल नोटिस आ गया — एक कम्प्लायंस ग़लती जिसने ब्रांड को ख़तरे में डाल दिया।

G

ग्रॉस मुनाफ़ा राजस्व माइनस COGS (सीधा लागत ऑफ़ गुड्स सोल्ड)। उत्पाद की लागत निकालने के बाद कितना बचा — ओवरहेड ख़र्चाेस निकालने से पहले। उदाहरण: अंकिता चटनी जार ₹249 में बेचती है, COGS ₹80 है। ग्रॉस मुनाफ़ा = ₹169 पर जार।

GST (गुड्स एंड सेवाएँ टैक्स) इंडिया का यूनिफ़ाइड इनसीधा टैक्स — गुड्स और सेवाएँ की आपूर्ति पर। रेट्स: 0%, 5%, 12%, 18%, या 28% — उत्पाद/सेवा श्रेणी के हिसाब से।

I

IMPS (इमीडिएट पेमेंट सेवा) इंडिया में 24/7 अवेलेबल रियल-टाइम इंटरबैंक इलेक्ट्रॉनिक फ़ंड ट्रांसफ़र। ₹5 लाख तक पर ट्रांज़ैक्शन।

इनक्यूबेटर एक व्यवस्थितेशन जो बहुत अर्ली-चरण बिज़नेसेस या आइडियाज़ को वर्कस्पेस, मेंटरशिप, और कभी-कभी छोटी फ़ंडिंग देकर सपोर्ट करती है — उत्पाद बनने से पहले। एक्सेलरेटर से स्लो-पेस्ड।

आमदनी टैक्स गवर्नमेंट का टैक्स जो इंडिविजुअल्स और बिज़नेसेस की आमदनी पर लगता है। प्रोप्राइटरशिप्स पर इंडिविजुअल स्लैब रेट्स, कंपनीज़ पर फ़्लैट रेट (25-30%)।

IPO (इनिशियल पब्लिक पेशकशिंग) जब प्राइवेट कंपनी पहली बार अपने शेयर्स स्टॉक एक्सबदलाव पर पब्लिक को पेशकश करती है। फ़ाउंडर्स और निवेशक शेयर्स बेचकर "एग्ज़िट" कर सकते हैं।

ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) GST के तहत, ख़रीदारी (इनपुट्स) पर जो GST पे किया है उसका क्रेडिट बिक्री (आउटपुट) पर कलेक्ट किए GST के ख़िलाफ़ क्लेम कर सकते हो। टैक्स-ऑन-टैक्स से बचाता है। उदाहरण: अंकिता पैकेजिंग मटीरियल ख़रीदते वक़्त 5% GST पे करती है — जार्स बेचते वक़्त कलेक्ट किए GST से ऑफ़सेट कर सकती है।

L

लायबिलिटीज़ वो सब जो बिज़नेस दूसरों को देना है — लोन्स, अकाउंट्स पेएबल, बकाया रेंट, टैक्सेस। बैलेंस शीट के दूसरी तरफ़ लिस्टेड। उदाहरण: विक्रम की लायबिलिटीज़ में आउटस्टैंडिंग बैंक लोन और फ़्रेंचाइज़ी कंपनी को देय मंथली रॉयल्टी शामिल है।

लिक्विडेशन प्रेफ़रेंस निवेश डील में क्लॉज़ जो तय करता है कि कंपनी बिकने या बंद होने पर पहले किसे पैसे मिलेंगे। निवेशक को फ़ाउंडर्स से पहले पैसा वापस मिलता है।

LLP (लिमिटेड लायबिलिटी साझेदारी) बिज़नेस स्ट्रक्चर जहाँ साझेदार की लायबिलिटी लिमिटेड होती है — बिज़नेस नाकाम हो तो पर्सनल एसेट्स सेफ़ रहते हैं। MCA के साथ रजिस्ट्रेशन ज़रूरी। पेशेवर्स और स्टार्टअप्स में पॉपुलर।

LTV (लाइफ़टाइम वैल्यू) एक ग्राहक से उसकी पूरी रिश्ता के दौरान अपेक्षित कुल राजस्व। अगर LTV, CAC से बहुत ज़्यादा है, तो बिज़नेस मॉडल हेल्दी है। उदाहरण: अंकिता का एवरेज ग्राहक साल में 4 बार ऑर्डर करता है, ₹600 पर ऑर्डर, 3 साल तक — LTV = ₹7,200।

M

मंडी होलसेल एग्रीकल्चरल मार्केट जहाँ किसान प्रोड्यूस बेचते हैं, कमीशन एजेंट्स (आढ़तियों) के ज़रिए। दाम रोज़ बदलते हैं। उदाहरण: रावत जी हल्द्वानी मंडी में सेब बेचते हैं, 15-20% कमीशन मिडलमैन को जाता है।

मार्जिन सेलिंग दाम और लागत का फ़र्क़, परसेंटेज में। ज़्यादा मार्जिन = ख़र्चों और मुनाफ़ा के लिए ज़्यादा रूम।

MAU (मंथली एक्टिव इस्तेमालर्स) एक महीने में कितने यूनीक इस्तेमालर्स ने उत्पाद इस्तेमाल किया। उदाहरण: 2,800 किसान महीने में कम से कम एक बार प्रिया का ऐप इस्तेमाल करें — MAU 2,800।

MRP (मैक्सिमम रिटेल दाम) इंडिया में उत्पाद पैकेजिंग पर प्रिंटेड मैक्सिमम दाम जिस पर कन्ज़्यूमर को बेच सकते हैं। लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत अनिवार्य।

MRR (मंथली रिकरिंग राजस्व) सब्सक्रिप्शन्स या रिकरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स से अनुमान लगाने योग्य मंथली राजस्व। उदाहरण: प्रिया किसानों से ₹200/मंथ चार्ज करती है, 500 पेइंग इस्तेमालर्स हैं — MRR ₹1,00,000।

मुद्रा लोन प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत स्मॉल और माइक्रो एंटरप्राइज़ेज़ को कोलैटरल-फ़्री लोन — ₹10 लाख तक। शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000-₹5 लाख), तरुण (₹5-₹10 लाख)। उदाहरण: पुष्पा दीदी किशोर मुद्रा लोन से बेहतर स्टोव और ज़्यादा सीटिंग ले सकती हैं।

MVP (मिनिमम वाएबल उत्पाद) उत्पाद का सबसे सिंपल वर्ज़न जो अर्ली इस्तेमालर्स को दे सकते हो ताकि कोर आइडिया टेस्ट हो सके। बस इतना बनाओ कि सीख सको, फिर राय से सुधार करो। उदाहरण: प्रिया का पहला MVP एक WhatsApp ग्रुप था — 15 किसानों को 3 बायर्स से कनेक्ट किया। कोई ऐप नहीं, वेबसाइट नहीं, बस ग्रुप चैट।

N

NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फ़ंड ट्रांसफ़र) इंडिया का बैंक-टू-बैंक इलेक्ट्रॉनिक फ़ंड ट्रांसफ़र सिस्टम। हाफ़-ऑवरली बैचेस में प्रक्रिया होता है। फ़्री या बहुत कम लागत।

नेट मुनाफ़ा सब ख़र्चे निकालने के बाद बचा मुनाफ़ा — COGS, ऑपरेटिंग ख़र्चाेस, इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन — सब कुछ। "बॉटम लाइन" भी बोलते हैं। बिज़नेस ने सच में कितना कमाया, वो यही बताता है।

नॉर्थ स्टार मापदंड वो एक सबसे इम्पॉर्टेंट मापदंड जो सबसे अच्छे से दर्ज करती है कि उत्पाद ग्राहकों को कितनी वैल्यू दे रहा है। पूरी टीम इसी नंबर को बढ़ाने पर ध्यान करती है। उदाहरण: प्रिया के ऐप के लिए नॉर्थ स्टार मापदंड "पर वीक कितने सफल फ़ार्मर-बायर ट्रांज़ैक्शन्स हुए" हो सकता है।

O

OPC (वन पर्सन कंपनी) इंडिया में एक ऐसी कंपनी स्ट्रक्चर जहाँ एक अकेला व्यक्ति लिमिटेड लायबिलिटी वाली कंपनी बना सकता है। प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जैसे फ़ायदे — लिमिटेड लायबिलिटी, अलग लीगल एंटिटी — बिना सेकंड सीधार या शेयरहोल्डर के।

ओवरड्राफ़्ट बैंक फ़ैसिलिटी जहाँ अकाउंट बैलेंस से ज़्यादा पैसे निकाल सकते हो, प्री-अप्रूव्ड लिमिट तक। इंटरेस्ट सिर्फ़ उतने पर लगता है जितना इस्तेमाल किया। उदाहरण: भंडारी अंकल के करंट अकाउंट पर ₹3 लाख ओवरड्राफ़्ट फ़ैसिलिटी है — कैश क्रंच में काम आती है।

P

P&L स्टेटमेंट (मुनाफ़ा & घाटा स्टेटमेंट) फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट जो एक पीरियड (मंथ, क्वार्टर, ईयर) की राजस्व, लागतें, और मुनाफ़ा (या घाटा) दिखाता है। आमदनी स्टेटमेंट भी बोलते हैं। उदाहरण: भंडारी अंकल का क्वार्टरली P&L ₹1.8 लाख मुनाफ़ा दिखाता है — लेकिन बैंक बैलेंस कुछ और कहानी बताता है।

PAN (परमानेंट अकाउंट नंबर) आमदनी टैक्स डिपार्टमेंट का 10-कैरेक्टर अल्फ़ान्यूमेरिक आइडेंटिफ़ायर। टैक्स फ़ाइलिंग, बैंक अकाउंट खोलने, और ज़्यादातर फ़ाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन्स के लिए ज़रूरी।

साझेदारी दो या ज़्यादा लोगों का साथ मिलकर बिज़नेस चलाना — ओनरशिप, ज़िम्मेदारी, मुनाफ़ा, और लायबिलिटी शेयर करते हैं। बनाना आसान है लेकिन सबकी पर्सनल लायबिलिटी अनलिमिटेड होती है। उदाहरण: नीमा और ज्योति अपना होमस्टे साझेदारी फ़र्म के तौर पर चला सकती हैं।

पेटेंट लीगल राइट जो इन्वेंटर को 20 साल तक नई इन्वेंशन पर एक्सक्लूसिव कंट्रोल देता है। बिना अनुमति कोई बना, इस्तेमाल, या बेच नहीं सकता।

पिच डेक छोटी प्रेज़ेंटेशन (10-15 स्लाइड्स) जो स्टार्टअप फ़ाउंडर निवेशक को दिखाता है — समस्या, सोल्यूशन, मार्केट, टीम, ट्रैक्शन, और कितनी फ़ंडिंग चाहिए।

पिवट स्टार्टअप के बिज़नेस मॉडल, उत्पाद, या लक्ष्य मार्केट में बड़ा बदलाव — जो सीखा उसके बेसिस पर। असफलता नहीं — स्ट्रेटेजिक शिफ़्ट। उदाहरण: प्रिया को पता चले कि किसानों को ऐप नहीं चाहिए, WhatsApp-बेस्ड दाम अलर्ट्स चाहिए — तो ऐप से WhatsApp पर शिफ़्ट करना पिवट है।

पोस्ट-मनी वैल्यूएशन निवेश मिलने के तुरंत बाद कंपनी की वैल्यूएशन। पोस्ट-मनी = प्री-मनी + निवेश. उदाहरण: प्रिया की कंपनी प्री-मनी ₹1 करोड़, निवेशक ₹25 लाख लगाए — पोस्ट-मनी वैल्यूएशन ₹1.25 करोड़।

प्री-मनी वैल्यूएशन निवेश मिलने से पहले कंपनी की वैल्यूएशन। यही फ़ाउंडर्स और निवेशक नेगोशिएट करते हैं।

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इंडिया में स्टार्टअप्स के लिए सबसे आम फ़ॉर्मल बिज़नेस स्ट्रक्चर। लिमिटेड लायबिलिटी, इक्विटी फ़ंडिंग रेज़ कर सकते हैं, अलग लीगल एंटिटी। कम से कम 2 सीधार्स और 2 शेयरहोल्डर्स ज़रूरी। कम्प्लायंस ज़्यादा, लेकिन क्रेडिबिलिटी और फ़ंडरेज़िंग एबिलिटी भी ज़्यादा।

उत्पाद-मार्केट फ़िट वो चरण जहाँ उत्पाद साफ़ तौर पर एक स्ट्रॉन्ग मार्केट माँग सैटिस्फ़ाई कर रहा है — ग्राहकों चाहते हैं, बार-बार इस्तेमाल करते हैं, दूसरों को रिकमेंड करते हैं। किसी भी स्टार्टअप का सबसे इम्पॉर्टेंट माइलस्टोन।

मुनाफ़ा राजस्व में से सारी लागतें निकालने के बाद जो बचा — बिज़नेस चलाने के जोखिम का इनाम। ग्रॉस मुनाफ़ा और नेट मुनाफ़ा भी देखो।

R

रीनिवेश बिज़नेस का मुनाफ़ा वापस बिज़नेस में लगाना — बेहतर इक्विपमेंट, ज़्यादा इन्वेंटरी, दूसरी जगह — बजाय पर्सनल इस्तेमाल के लिए निकालने के। उदाहरण: पुष्पा दीदी मंथली मुनाफ़ा से बेहतर स्टोव ख़रीदती हैं और चार और कुर्सियाँ लगाती हैं — कैपेसिटी बढ़ती है।

रिटेल एंड कन्ज़्यूमर्स को सीधे बेचना, छोटी क्वांटिटी में, मैक्सिमम मार्जिन पर। आपूर्ति चेन का आख़िरी चरण। उदाहरण: अंकिता एक-एक जार इंडिविजुअल ग्राहकों को बेचती है — वो रिटेल है।

रिटेंशन कितने परसेंट ग्राहकों या इस्तेमालर्स टाइम के साथ उत्पाद इस्तेमाल करते रहते हैं। चर्न का उल्टा। उदाहरण: जनवरी में साइन अप करने वाले 100 किसानों में से 80 अप्रैल में भी एक्टिव हैं — 3-मंथ रिटेंशन 80%।

राजस्व बिज़नेस में उत्पाद या सेवा बेचकर आने वाला कुल पैसा। "टर्नओवर" या "टॉप लाइन" भी बोलते हैं। राजस्व मुनाफ़ा नहीं है — लागतें अभी निकालनी हैं। उदाहरण: अंकिता ने पिछले महीने ₹2.8 लाख राजस्व किया, लेकिन बैंक बैलेंस सिर्फ़ ₹31,000 था।

ROI (रिटर्न ऑन निवेश) निवेश किए पैसे के मुक़ाबले कितना मुनाफ़ा या वैल्यू मिली। ROI = (गेन - निवेश लागत) / निवेश लागत x 100. उदाहरण: विक्रम ने ₹18 लाख निवेश किए, साल में ₹3 लाख नेट मुनाफ़ा — एनुअल ROI लगभग 16.7%।

रॉयल्टी फ़्रेंचाइज़ी द्वारा फ़्रेंचाइज़र को दी जाने वाली रिकरिंग फ़ी (मंथली या राजस्व का परसेंटेज) — ब्रांड, सिस्टम्स, और सपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए। उदाहरण: विक्रम मिनिमम ₹15,000 मंथली रॉयल्टी + राजस्व का परसेंटेज फ़्रेंचाइज़ी कंपनी को देता है।

RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) हाई-वैल्यू ट्रांज़ैक्शन्स (मिनिमम ₹2 लाख) के लिए रियल-टाइम बैंक-टू-बैंक ट्रांसफ़र। NEFT जैसा बैच में नहीं, इंडिविजुअली सेटल होता है।

रनवे करंट बर्न रेट पर स्टार्टअप कितने महीने बच सकता है। रनवे = बैंक में कैश / मंथली बर्न रेट. उदाहरण: प्रिया के पास ₹30 लाख हैं, बर्न ₹3 लाख/मंथ — 10 महीने का रनवे है।

S

SAFE (सिंपल समझौता फ़ॉर फ़्यूचर इक्विटी) सिंपल निवेश समझौता — निवेशक अभी पैसे देता है, अगली फ़ंडिंग राउंड में इक्विटी मिलेगी। कन्वर्टिबल नोट से सिंपल — कोई इंटरेस्ट नहीं, कोई मैच्योरिटी डेट नहीं।

स्केलिंग बिज़नेस को तेज़ी से ग्रो करना — राजस्व, ग्राहकों, कैपेसिटी काफ़ी बढ़ाना, लागतें सँभालने लायक़ रखकर। उदाहरण: प्रिया का ऐप 500 किसानों से 50,000 किसानों तक पूरे उत्तराखंड में स्केल करना।

SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन) वेबसाइट या कंटेंट को सुधार करना ताकि गूगल सर्च में ऊपर आए — फ़्री ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक मिले। उदाहरण: दिल्ली में कोई "buy pahadi pickle online" सर्च करे और अंकिता की वेबसाइट फ़र्स्ट पेज पर आए — यही अच्छा SEO है।

सीरीज़ A / B / C स्टार्टअप की वेंचर कैपिटल फ़ंडिंग राउंड्स के नाम। सीरीज़ A पहली बड़ी इंस्टीट्यूशनल राउंड (₹5-25 करोड़)। B और C बड़ी राउंड्स हैं स्ट्रॉन्ग बढ़त दिखाने वाली कंपनीज़ के लिए।

सोल प्रोप्राइटरशिप सबसे सिंपल बिज़नेस स्ट्रक्चर — आप और बिज़नेस लीगली एक ही हैं। शुरू करना आसान, लेकिन अनलिमिटेड पर्सनल लायबिलिटी। उदाहरण: पुष्पा दीदी की चाय शॉप सोल प्रोप्राइटरशिप है। शॉप & एस्टैब्लिशमेंट लाइसेंस लिया और सेलिंग शुरू।

SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) बिज़नेस की किसी रूटीन टास्क के लिए लिखा हुआ चरण-बाई-चरण गाइड — ताकि कोई भी करे, कन्सिस्टेंसी रहे। उदाहरण: अंकिता ने पैकिंग और लेबलिंग के लिए SOP लिखा ताकि मददर भी बिल्कुल वैसे ही करे।

स्टार्टअप हाई बढ़त के लिए डिज़ाइन्ड यंग कंपनी — कोई समस्या नई या स्केलेबल तरीक़े से हल करती है। स्मॉल बिज़नेस से फ़र्क़ यही है कि तेज़ी से ग्रो करने और पोटेंशियली मिलियन्स को सर्व करने की एम्बिशन। उदाहरण: प्रिया का एग्री-टेक ऐप स्टार्टअप है — पूरे उत्तराखंड और फिर दूसरे स्टेट्स में स्केल करने का एम है।

T

TAN (टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन अकाउंट नंबर) TDS/TCS डिडक्ट या कलेक्ट करने वाली एंटिटीज़ के लिए ज़रूरी 10-कैरेक्टर अल्फ़ान्यूमेरिक नंबर। तनख़्वाह, रेंट (सर्टेन लिमिट्स से ऊपर), या कॉन्ट्रैक्टर फ़ीस पे करने पर चाहिए।

TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) सिस्टम जहाँ पेअर पेमेंट भेजने से पहले एक परसेंटेज टैक्स काटकर गवर्नमेंट को जमा कर देता है। उदाहरण: कॉर्पोरेट गिफ़्टिंग कंपनी अंकिता को ₹1,20,000 पे करती है — 1% TDS (₹1,200) काटकर ₹1,18,800 देती है।

टर्म शीट प्रपोज़्ड निवेश की की टर्म्स और कंडीशन्स का डॉक्यूमेंट — वैल्यूएशन, इक्विटी, निवेशक राइट्स, बोर्ड सीट्स, स्पेशल क्लॉज़ेस। लीगली बाइंडिंग नहीं, लेकिन फ़ाइनल डील का फ़्रेमवर्क सेट करता है।

ट्रेडमार्क ब्रांड नेम, लोगो, टैगलाइन, या किसी भी डिस्टिंक्टिव साइन की लीगल सुरक्षा। रजिस्ट्रेशन एक्सक्लूसिव राइट्स देता है। उदाहरण: अंकिता "पहाड़ी ज़ायका" ट्रेडमार्क रजिस्टर करवाती है ताकि कोई और उस नाम से उत्पाद न बेचे।

U

उद्यम रजिस्ट्रेशन इंडिया में माइक्रो, स्मॉल, और मीडियम एंटरप्राइज़ेज़ (MSMEs) की गवर्नमेंट रजिस्ट्रेशन। फ़्री, ऑनलाइन, आधार-बेस्ड। गवर्नमेंट स्कीम्स, सब्सिडीज़, और ईज़ी लोन प्रक्रियािंग का एक्सेस मिलता है। उदाहरण: पुष्पा दीदी उद्यम रजिस्ट्रेशन करवाएँ तो मुद्रा लोन्स और गवर्नमेंट सब्सिडीज़ आसान हो जाती हैं।

यूनिट इकोनॉमिक्स एक सिंगल यूनिट उत्पाद या सेवा की राजस्व और लागत एनालिसिस। बताता है कि ओवरहेड लागतें से पहले हर सेल फ़ायदेमंद है या नहीं। उदाहरण: अंकिता ₹249 पर जार कमाती है, ₹80 COGS + ₹65 शिपिंग ख़र्च। यूनिट इकोनॉमिक्स: ₹104 कंट्रीब्यूशन पर जार फ़िक्स्ड लागतें कवर करने के लिए।

UPI (यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस) इंडिया का रियल-टाइम मोबाइल पेमेंट सिस्टम — फ़ोन नंबर, QR कोड, या UPI ID से इंस्टेंट बैंक-टू-बैंक ट्रांसफ़र। स्मॉल बिज़नेसेस के लिए सबसे आम डिजिटल पेमेंट। उदाहरण: पुष्पा दीदी UPI से पेमेंट लेती हैं — काउंटर पर QR कोड चिपका है, ग्राहक स्कैन करता है।

अपसेलिंग ग्राहक को जो ख़रीद रहा है उसका हायर-दाम्ड वर्ज़न या ज़्यादा क्वांटिटी बेचना। उदाहरण: पुष्पा दीदी बोलती हैं "बड़ा कप लेंगे? सिर्फ़ ₹10 ज़्यादा" — यही अपसेलिंग है।

V

वैल्यूएशन कंपनी की एस्टिमेटेड कुल वर्थ। स्टार्टअप्स में फ़ाउंडर्स और निवेशक नेगोशिएट करते हैं। एस्टैब्लिश्ड बिज़नेसेस में राजस्व, मुनाफ़ा, या एसेट्स से गणना होती है। उदाहरण: प्रिया और निवेशक ₹1 करोड़ प्री-मनी वैल्यूएशन पर अग्री करते हैं।

वेरिएबल लागत वो लागत जो प्रोडक्शन या सेल्स के अनुपात में बदलती है। ज़्यादा बेचो तो ज़्यादा, कुछ न बेचो तो ज़ीरो। उदाहरण: अंकिता की रॉ इंग्रीडिएंट्स (₹35-60/जार), पैकेजिंग (₹25/जार), शिपिंग (₹65/ऑर्डर) — सब वेरिएबल लागतें हैं। ज़्यादा जार्स बेचो, ज़्यादा ख़र्च।

वेंचर कैपिटल (VC) पेशेवर निवेश फ़र्म्स जो बड़े निवेशक का पैसा पूल करके हाई-बढ़त स्टार्टअप्स में इक्विटी के बदले लगाती हैं। VCs एंजल निवेशक से बड़ी अमाउंट (₹2 करोड़+) निवेश करते हैं।

वेस्टिंग वो प्रक्रिया जिसमें एम्प्लॉईज़ (या फ़ाउंडर्स) की इक्विटी/शेयर्स धीरे-धीरे टाइम के साथ अर्न होती हैं, एक साथ नहीं। टिपिकल शेड्यूल: 4 साल, 1 साल का "क्लिफ़" — पहले साल कुछ नहीं, फिर मंथली या क्वार्टरली वेस्ट।

W

होलसेल बड़ी क्वांटिटी में उत्पाद बेचना, रिटेलर्स या बिज़नेसेस को, कम पर-यूनिट दाम पर। उदाहरण: अंकिता 200 जार्स किसी रिटेलर को ₹180 पर जार (vs ₹249 MRP) पर बेचती है — वो होलसेल डील है।

वर्किंग कैपिटल डे-टू-डे संचालन चलाने के लिए अवेलेबल पैसा। वर्किंग कैपिटल = करंट एसेट्स (कैश, इन्वेंटरी, रिसीवेबल्स) माइनस करंट लायबिलिटीज़ (पेएबल्स, शॉर्ट-टर्म डेट्स)। पॉज़िटिव हो तो बिल्स पे कर सकते हो। उदाहरण: भंडारी अंकल — ₹4 लाख रिसीवेबल्स, ₹1.8 लाख डिस्ट्रीब्यूटर को देने हैं, बैंक में ₹47,000। वर्किंग कैपिटल क्रंच।


टिप: ये सब एक साथ याद करने की ज़रूरत नहीं। किताब पढ़ो, जब कोई टर्म भूल जाओ, यहाँ वापस आ जाओ। कुछ महीने बिज़नेस चलाने के बाद, ये वर्ड्स उतने ही स्वाभाविक लगेंगे जितने उन लोगों के नाम जिनके साथ रोज़ काम करते हो।